मुदत के बाद देखा उसे तो बदली हुई थी वो,
ना जाने क्या हादसा हुआ , सहमी हुई थी वो,
मुझे देख कर उसने चेहरा तो छुपा लिया,
मगर आंखे बता रही थी कि रोयी हुई थी वो,
उसकी आंखो में देख कर महसूस हुआ मुझे,
मेरी तरह किसी सोच में डूबी हुई थी वो,
कुर्बान हो जाऊ उस शक्स कि किस्मत पे,
याद में जिसकी खोयी हुई थी वो.....
ना जाने क्या हादसा हुआ , सहमी हुई थी वो,
मुझे देख कर उसने चेहरा तो छुपा लिया,
मगर आंखे बता रही थी कि रोयी हुई थी वो,
उसकी आंखो में देख कर महसूस हुआ मुझे,
मेरी तरह किसी सोच में डूबी हुई थी वो,
कुर्बान हो जाऊ उस शक्स कि किस्मत पे,
याद में जिसकी खोयी हुई थी वो.....
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